राशिफल

धार्मिक होती दुनिया के चौंकाने वाले आंकड़े, इसलिए बढ़ रही है ऐसे लोगों की जनसंख्या

अगर आपको लगता है कि धार्मिक होना अतीत की बात है और हम एक नए युग में हैं, तो आपको तथ्यों की जांच करने की आवश्यकता है। आंकड़े बताते हैं कि दुनिया की 84% आबादी अपना ताल्लुकात किसी न किसी धार्मिक समूह से रखती है। इन आंकड़ों में ज्यादा जनसंख्या युवाओं की है और ये युवा अधार्मिक लोगों की तुलना में ज्यादा बच्चे पैदा करते हैं। इसलिए यह कहा जा सकता है कि दुनिया पहले की अपेक्षा अधिक धार्मिक हो रही है।

2015 के आंकड़ों के अनुसार, ईसाई कुछ मार्जिन के साथ सबसे बड़े धार्मिक समूह हैं। इस धार्मिक समूह में 2.3 बिलियन अनुयायी हैं, जो विश्व की कुल जनसंख्या जो कि 7.3 बिलियन है उसकी 31.2% है। इसमें दूसरा नंबर मुसलमानों का है, जिसकी जनसंख्या 1.8 बिलियन है या कुल जनसंख्या का 24.1% है। इसके बाद हिंदूओं की हैं, जिसकी जनसंख्या 1.1 बिलियन और कुल जनसंख्या का 15.1% है। बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की जनसंख्या 500 मिलियन या 6.9% है।

इसलिए 12 साल बाद लगता है कुंभ, पहले स्नान करते हैं ऐसे साधु

इसमें एक कैटिगरी उन लोगों की है, जो पारंपरिक धर्म और पौराणिक परंपराओं को मानते हैं। इस तरह के लोगों की संख्या 400 मिलियन है, जो कुल जनसंख्या के 6% हैं। सिख धर्म, बहाई और जैन धर्म सहित कम प्रचलित धर्मों के अनुयायी 58% या 1% से भी नीचे हैं। दुनिया में 14 मिलियन यहूदी हैं, जो कुल जनसंख्या के लगभग 0.2% है। सामान्यत: इस धर्म के लोग अमेरिका और इजराइल में निवास करते हैं।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस सूची से तीसरी सबसे बड़ी कैटिगरी गायब है। साल 2015 में जारी की गई सूची में यह बताया गया कि दुनिया में 1.2 बिलियन या 16% लोगों ने कहा कि उनका किसी धर्म विशेष से कोई नाता नहीं है। इसका मतलब यह नहीं है कि वे सभी लोग नास्तिक हैं।

ऐसे होते हैं खूनी नागा, होता है यह विशेष अधिकार

एक अनुमान के मुताबिक यह कहा जाता है कि इन लोगों के पास आध्यात्मिकता या भगवान में विश्वास करने की एक मजबूत समझ होती है। ये लोग देवता या मार्गदर्शक शक्तियों में विश्वास करते हैं लेकिन वे अपने आपको किसी धर्म विशेष या संगठित धर्म से जोड़कर नहीं देखते।

लगभग सभी धर्मों में उप-शाखाएं हैं। ईसाई धर्म में रोमन कैथोलिक (लगभग 1.3 बिलियन अनुयाइयों वाला सबसे बड़ा समूह), प्रोटेस्टेंट, पूर्वी रूढ़िवादी, ग्रीक रूढ़िवादी, एंग्लिकन या कई अन्य उप-संप्रदाय भी हैं। इसी तरह इस्लाम धर्म में सुन्नी सबसे ज्यादा हैं, शिया, इबादी, अहमदिया या सूफी इनके बाद क्रम में आते हैं। हिंदू धर्म के चार मुख्य समूह हैं: वैष्णव, शैव, शाक्त और स्मार्त। बौद्ध धर्म में दो मुख्य परंपराएं हैं- थेरवाद और महायान, प्रत्येक के अपने-अपने उप-समूह हैं। यहूदी रुढ़िवादी या अति-रूढ़िवादी हो सकते हैं, रूढ़िवादी, सुधार या छोटे समूहों से संबंधित हो सकते हैं।

Source : indiatimes.com

Related Articles