राशिफल

Kumbh Mmela 2019: कुंभ में रईस संतों का संगम, आलीशान मकान के बराबर संतों का पंडाल

प्रयागराज
कुंभ में आध्यात्म के साथ तप, त्याग और वैभव का भी संगम देखने को मिल रहा है। संतों के आलीशान शिविर, गाड़ियां और विशेष रूप से तैयार की गई नावें देखने और फोटो खींचने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुट रहे हैं। सबसे आलीशान शिविर जूना पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि का है। इनका प्रभु प्रेमी संघ का शिविर किसी बॉलिवुड फिल्म के सेट से कम नहीं है। पंडाल का मुख्य कक्ष जहां जूना पीठाधीश्वर बैठते हैं, उसका इंटीरियर डिजाइन महल जैसा है। बड़े झूमर, कालीन, चारों ओर करीने से सजे सोफे वाले कक्ष हैं।

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शिविर को बनाया गया है भव्य
जूना अखाड़े के ही महामंडलेश्वर पायलट बाबा का शिविर भी आकर्षक बनाया गया है। मुख्य द्वार के दोनों ओर मिट्टी, घास-फूस के बने बड़े-बड़े बब्बर शेर, अंदर कक्षों में स्लाइडिंग डोर, सीसीटीवी कैमरे, हाई सिक्योरिटी, गद्दे और सोफे देखकर कोई भी आश्चर्य में पड़ जाए। इतना ही नहीं शिविर में आने वााले श्रद्धालुओं के लिए दोमंजिला भवन तैयार करवाया जा रहा है, जिसमें सभी प्रकार की सुख सुविधाएं होंगी। इस शिविर में ऑडी, बीएमडब्लू समेत कई महंगी गाड़ियां भी हैं। जितने रुपयों में आलीशान मकान बन जाए उससे ज्यादा रुपये खर्च करके संतों के लिए महल जैसे अस्थायी पंडाल बनाए गए हैं। कई शिविरों में ईंट, सीमेंट, लोहे के साथ लकड़ी और मंहगे इंटीरियर के साथ भव्य कमरे बनाए गए हैं।

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क्रूज पर है संत मोरारी बापू का ठिकाना
संत व कथावाचक मोरारी बापू का ठिकाना छतनाग घाट पर खड़े एक क्रूज में है। कुंभ क्षेत्र के सेक्टर 13 में उनकी कथा चल रही है। डबल डेकर क्रूज के ऊपरी हिस्से में बापू का कमरा, हवन मंडप और प्रवचन हॉल है, जबकि, नीचे दो कमरे हैं। अक्टूबर में काशी में हुई बापू की मानस मसान कथा के दौरान क्रूज का निर्माण करवाया गया जो पिछले महीने काशी से प्रयागराज आया था। बापू इसमें 27 जनवरी तक रहेंगे। यहीं उनके भक्तों के लिए आधुनिक सुविधाओं वाला आवासीय शिविर भी है।

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वॉटर और फायर प्रूफ शिविर बनवाए
मेले में मुक्ति मार्ग नागवासुकि रोड चौराहा पर आचार्य प्रवर महामंडलेश्वर स्वामी परमानन्द गिरि का अखंड परम धाम पंडाल का मुख्य द्वार बहुत आकर्षक है। शिविर के ठीक सामने रामानंदाचार्य नरेन्द्राचार्य का शिविर भी महल जैसा है। इनमें से कई शिविर वॉटर और फायर प्रूफ भी हैं। कथा, प्रवचन या अन्य कार्यक्रम में बेहतरीन साउंड सिस्टम लगाए गए हैं। कई शिविरों में भी अपने सीवेज सिस्टम भी हैं।

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Source : indiatimes.com

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